पाठक पाठिकन के राय

जब कबो रउरा कवनो भोजपुरी फिलिम देखें जाईं त घरे आ के ओकरा बारे में आपन राय बतावल मत भुलाईं. राउर राय केहू सुने-माने चाहे ना, देर सबेर ओकर असर जरुरे पड़ी भोजपुरी सिनेमा के निर्माता निर्देशकन पर.

रउरा नजरिया के वजन बढ़ावे ला हम अतने कर सकीलें कि अगर राउर राय समीक्षा जस मजगर मिलल त रउरा के पाँच सौ रुपिया के भोजपुरी किताब भा पत्रिका इनाम में भेजल जाई.

त शुरु हो जाईं नीचे कमेंट बॉकेस में आपन राय लिखे में.

– राउर,
संपादक, सिनेभोजपुरी डॉटकॉम